रामगढ़ उपायुक्त ने जलापूर्ति और बिजली व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

 


रामगढ़, 05 मई (हि.स.)। रामगढ़ जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल और बिजली आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को उपायुक्त (डीसी) ऋतुराज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें जिले में जलापूर्ति और बिजली व्यवस्था की स्थिति का गहन आकलन किया गया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में जिले में पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खराब पड़े चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने और पाइपलाइन में हो रहे लीकेज को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जहां पानी की समस्या अधिक है, वहां टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बिजली व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीसी ने बिजली विभाग को गर्मी के मौसम में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए सतर्क रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि खराब ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बदला जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।

उपायुक्त ऋतुराज ने सख्त लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी कनीय एवं सहायक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस भीषण गर्मी में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल के साथ काम करने की जरूरत है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश