डालसा ने संत जेवियर्स स्कूल के बच्चों को नशे के खिलाफ किया जागरूक
रांची, 22 जून (हि.स.)। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति सह कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश पर नशा उन्मूलन को लेकर रांची के संत जेवियर स्कूल, डोरंडा में डालसा ने सीआईडी के सहयोग से विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, लाईफ सेवर्स एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा, एनसीबी के शारिक उमर, सीआईडी के नवीन कुमार, रिजवान अंसारी, विधि की छात्राएं सहित अन्य उपस्थित थे।
पुनर्वास केंद्रों और एनजीओ नशा करने वालों की करते हैं मदद : राजेश
कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि नालसा (डॉन) योजना 2025 राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण की ओर से शुरू की गई एक राष्ट्रीय विधिक पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य कानूनी सहायता, जन-जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से देश को नशामुक्त बनाना और नशीली दवाओं के पीड़ितों को मुख्यधारा में वापस लाना है।
उन्होंने कहा कि कांके के पुनर्वास केंद्रों के साथ-साथ एनजीओ भी नशा करने वालों को ठीक करने में मदद करते हैं। सीआईपी और रिनपास में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का लिगल एड क्लिनिक है, वहां पर वैसे नशा करनेवाले व्यक्तियों को ईलाज किया जाता है। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची सहायता करती है।
वहीं लाईफ सेवर्स एनजीओ के अतुल गेरा ने कहा कि आज के युवा छात्र-छात्राओं को नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है, जिससे कि वे इनका सेवन करने से बचें और दूसरों को भी बचाएं।
नशा से बचने के लिए अतुल गेरा उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों को शपथ दिलाई।
इधर, एनसीबी के शारिक उमर ने कहा कि झारखंड में इस नशे की समस्या को रोकने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह क़ानूनों के कार्यान्वयन और हितधारकों के बीच समन्वय के लिए ज़िम्मेदार है। गृह मंत्रालय ने पिछले महीने मादक द्रव्यों के सेवन से संबंधित किसी भी संदेह की जानकारी देने के लिए आम जनता के लिए मानस हेल्पलाइन (टोल फ्री नं. 1933) स्थापित की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak