बुजुर्गों के साथ व्यवहार को लेकर डालसा ने चलाया जागरूकता अभियान

 


रामगढ़, 01 अक्टूबर (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सह डालसा के अध्यक्ष मो तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन वात्सल्य धाम में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को रोकना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता मोहन महतो ने बताया कि घर में बुजुर्गों का होना पड़े सौभाग्य की बात है। उनके अनुभवों से युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन मिलता है। बुजुर्गों की देखभाल करना परिवार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। माता-पिता जैसे अपने बच्चों का लालन पालन नि:स्वार्थ भाव से करते हैं, वैसे ही बच्चों को भी अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा नि: स्वार्थ भाव से करनी चाहिए। उन्हाेंने कहा

कि सभी युवा ऐसा करें तो वृद्धआश्रमों की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।

डालसा के पारा लीगल वोलेंटियर ने पूरे जिले में पंचायत और प्रखंड स्तर पर विधिक जागरूकता शिविर लगाकर अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के बारे में लोगों को बताया। मौके पर आम लोगों को बताया गया कि वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 भारत सरकार का एक अधिनियम है, जो वरिष्ठ नागरिकों की देख-रेख, भरण-पोषण एवं वित्तीय सुरक्षा, कल्याण एवं सम्मानजनक जीवन के लिए बनाया गया है। यदि वृद्ध माता-पिता की उपेक्षा की जाती है तो प्रशासनिक न्यायाधिकरण के पास में जा सकते हैं। उन्हें मासिक भरण पोषण का आदेश मिल सकता है। साथ ही जिनकी उम्र 60 वर्ष और उससे अधिक है वह अपना भरण पोषण करने में समर्थ नहीं है तो उन्हें अपने बच्चों या कानूनी अधिकारियों से अपना भरण पोषण मांगने का भी अधिकार रखते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश