जमीन में गाड़ कर रखा गया था जेवर, डकैत की पत्नी और दामाद गिरफ्तार

 


रजरप्पा के शिव शंकर ज्वेलर्स डकैती कांड में अब तक नौ गिरफ्तार

रामगढ़, 11 मई (हि.स.)। रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर बाजार में शिव शंकर ज्वेलर्स में हुई डकैती की घटना के बाद विभाष पासवान की ओर से दी गई चुनौती का जवाब रामगढ़ पुलिस ने बखूबी दिया है। डकैती के बाद कुछ जेवर डकैतों के परिजनों ने जमीन में गाड़कर छुपा दिया था। पुलिस ने ना सिर्फ उसे बरामद किया, बल्कि छुपाने वाले डकैत की पत्नी और दामाद को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डकैतों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। सोमवार को रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने प्रेस वार्ता कर बताया कि शिव शंकर ज्वेलर्स में डकैती करने वाले कुजू ओपी की बरकट्ठी गांव निवासी सुभानी अंसारी उर्फ ललका की पत्नी नाजमा खातून और उसके दामाद शाहनवाज हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन लोगों ने अपने घर की जमीन में ही गड्ढा खोदकर लूटे गए जेवर छुपा दिए थे।

पुलिस ने जब नाजमा खातून और उसके दामाद शाहनवाज हुसैन को पकड़ा तो उसने वह जगह दिखाई जहां जेवर गड्ढे में गाड़े गए थे। पुलिस ने जब गड्ढा खोदा तो वहां से खजाना निकला। पुलिस को वहां भारी मात्रा में सोने का हार, झुमका, चूड़ी, कंगन और अंगूठी मिले। इन सब की कीमत लाखों रुपये में आंकी गई है।

जेवर दुकानों में डकैती करने वाला विभाष पासवान की पूरी हिस्ट्री पुलिस के सामने है। रामगढ़ पुलिस छापेमारी कर रही है तो यह भी स्पष्ट हो रहा है की डकैत वारदातों के बाद जब जेल जाते हैं, तो उनके परिजन ही उन्हें छुड़ाते हैं। क्योंकि सबसे बड़ा फायदा उनके परिजनों को ही होता है। डकैती जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद बहुमूल्य जेवर विभाष पासवान और उसके गैंग के लोग अपने नजदीकी परिजनों को हवाले कर देते हैं। वे लोग लूटे गए जेवर को कभी गाड़ी में छुपा कर रखते हैं, तो कहीं गड्ढा खोदकर डाल देते हैं। विभाष पासवान की बहन रीना देवी और बहनोई मनीष ने भी ऐसा ही किया था। वही काम सुभानी अंसारी उर्फ ललका की पत्नी नाजमा और दामाद शाहनवाज ने भी किया।

जेवर दुकान डकैती कांड में पुलिस अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन विभाष पासवान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। 21 अप्रैल को शिव शंकर ज्वेलर्स में हुई डकैती की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी और महज 72 घंटे में सात लोगों को पकड़ा था। उसमें सुभानी अंसारी उर्फ ललका, मनीष कुमार, रीना देवी, चंद्रावती देवी, आनंद कुमार, अरबाज अंसारी और नसरुल्लाह अंसारी उर्फ राजा शामिल था। नाजमा और शाहनवाज की गिरफ्तारी के बाद कुल 9 लोगों की संलिप्तता डकैती और लूटे गए सामान को छुपाने में सामने आ चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश