सड़क हादसों पर लगाम और नशे के अवैध कारोबार पर जीरो टॉलरेंस : उपायुक्त

 


देवघर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जिला परिवहन और जिला स्तरीय एनसीओआरडी (नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन) टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले को सुरक्षित और नशा मुक्त बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले में चिह्नित 37 ब्लैक स्पॉट पर चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालक अभियंता ने 29 स्थलों पर कार्य शुरू होने की जानकारी दी। इस पर उपायुक्त ने शेष स्थलों सहित सभी चिह्नित स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने तथा साइनेज, स्पीड ब्रेकर और रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच करने को कहा। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग और नाबालिगों के वाहन चलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित विशेष जांच अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।

उपायुक्त ने हिट एंड रन मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों को बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमानुसार जल्द मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिल सके।

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत उपायुक्त ने देवघर को नशा मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने औषधि निरीक्षक को पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर मेडिकल स्टोरों में सघन जांच और छापेमारी करने को कहा।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बिना चिकित्सकीय पर्चे के नशीली कफ सिरप या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार लाइसेंस रद्द करने सहित कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

बैठक में पुलिस एवं उत्पाद विभाग को नशे के संभावित हॉटस्पॉट पर संयुक्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी स्कूलों और कॉलेजों में एंटी-ड्रग क्लब और जागरूकता समितियों को सक्रिय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, मधुपुर, जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), उत्पाद अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालक अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy