खनिज संकट को लेकर संवेदकों ने समाहरणालय के समक्ष किया प्रदर्शन

 




रामगढ़, 30 जुलाई (हि.स.)। झारखंड सरकार के खनन विभाग की ओर से ई-परिवहन चालान से संबंधित पुराने नियम (नियम-55) को समाप्त किए जाने के विरोध में संवेदक सड़क पर उतर कर विरोध जताया। इसके विरोध में रामगढ़ जिला संवेदक संघ ने गुरुवार को समाहरणालय समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। धरना की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष पंकज प्रसाद तिवारी ने की।

धरना को संबोधित करते हुए संवेदकों ने कहा कि नियम-55 समाप्त होने के बाद जिले में ईंट, बालू, चिप्स सहित अन्य लघु खनिजों की भारी कमी हो गई है। पर्याप्त मात्रा में खनिज उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकांश सरकारी निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा कर पाना मुश्किल हो गया है।

संवेदकों ने कहा कि लाल ईंट सीधे तौर पर खनिज नहीं, बल्कि बाय-प्रोडक्ट है। इसके बावजूद विभाग ई-परिवहन चालान की अनिवार्यता लागू कर रहा है। उन्होंने बताया कि ईंट भट्ठा संचालक समेकित रॉयल्टी (कंपाउंडिंग शुल्क) जमा कर लाइसेंस प्राप्त करते हैं, लेकिन उन्हें ई-परिवहन चालान जारी नहीं किया जाता। ऐसे में जीएसटी बिल होने के बावजूद संवेदकों को ईंट की खरीद में परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

संवेदक संघ ने मांग की कि परिवहन दूरी के आधार पर बढ़ने वाले अतिरिक्त खर्च का प्रावधान संबंधित कार्य विभाग करें या पुराने नियम को पुनः लागू किया जाए। साथ ही, नियम-55 समाप्त होने से पहले जिन योजनाओं का इकरारनामा हुआ है, उन पर पुरानी व्यवस्था लागू रखी जाए। इसके अलावा खनिजों की कमी के कारण समय पर कार्य पूरा नहीं होने की स्थिति में अवधि विस्तार पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की गई।

संघ के जिलाध्यक्ष पंकज प्रसाद तिवारी ने कहा कि सरकार की वर्तमान व्यवस्था से न केवल संवेदक, बल्कि निर्माण कार्यों से जुड़े हजारों कुशल और अकुशल श्रमिकों के सामने भी रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने सरकार से संवेदकों की न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। मौके पर मांगों से संबंधित ज्ञापन भवन निर्माण विभाग, भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सौंपा गया।

धरना-प्रदर्शन में संघ के सचिव दयासागर प्रसाद, कोषाध्यक्ष सिद्धेश्वर महतो, ब्रह्मदेव महतो, रंजन फौजी, शहजाद खान, सुशील कुमार, नीलम देवी, मो सुलेमान अंसारी, ब्रजभूषण, राजेश कुमार शर्मा, हरि महतो, राहुल कुमार सिंह, लाल बिहारी महतो सहित बड़ी संख्या में संवेदक शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश