सरकार देश की सरकारी संपत्तियों का कर रही है निजीकरण : डॉ राजीव

 


रांची, 16 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पैनलिस्ट डॉ राजीव नारायण प्रसाद ने आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आरोप लगाया कि सरकार देश की सरकारी संपत्तियों का निजीकरण कर रही है। केंद्र सरकार अविलंब इसपर रोक लगाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में सरकार को इस्तीफा देना चाहिए।

प्रसाद ने कहा कि आईडीबीआई बैंक की स्थापना एक जुलाई 1964 को औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और उद्योगों को दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुई थी। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा के फेयरफैक्स समूह से जुड़ी कंपनी को बेचने का प्रस्ताव है। इस सौदे का अनुमानित मूल्य 52,878 करोड़ रुपये है।

उन्होंने कहा कि निजीकरण से रोजगार की सुरक्षा प्रभावित होने, आर्थिक असमानता बढ़ने और बुनियादी सुविधाएं महंगी होने का खतरा है। उन्होंने फेयरफैक्स की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए और बैंक ग्राहकों की जमा राशि की सुरक्षा पर चिंता जताई।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar