महिला आरक्षण पर कांग्रेस और भाजपा के नेता आमने-सामने
दुमका, 21 अप्रैल (हि.स.)। महिला आरक्षण बिल पर पूर्व में एक ही पार्टी के रहे सत्ताधारी दल कांग्रेस और भाजपा के पूर्व विधायक आमने सामने दिखे। मंगलवार को सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में कोर्ट से पेशी के बाद महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा केंद्र सरकार को घेरते हुए कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि इंडी गठबंधन ने भाजपा के मनसूबे पर पानी फेरने का काम किया है।
भाजपा अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए महिला आरक्षण बिल पास कराकर फायदा उठाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 मे महिला आरक्षण बिला लाया गया था। लेकिन अब तक वह लागू नहीं किया गया। इससे साबित होता है कि केंद्र सरकार की मंशा क्या हो सकती है। भाजपा घड़ियाली आंसू बहा कर महिलाओं को आगे लाकर अपनी राजनितिक स्वार्थ पूर्ति करने का प्रयास किया है। इसकी जितनी निंदा की जाये, वह कम है। भाजपा इस बिल के साथ परिसिमन को जोड़ दिया। जो संविधान के ढांचा के विपरीत है। अगर उन्हें लागू करना था तो वर्ष 2023 मे महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में और राजयसभा मे सर्वसाम्मति से पारित हुआ। जिसमें कांग्रेस का समर्थन मिला। लेकिन उस समय उसे ठंडे बस्ते मे डाल दिया गया।
इधर भाजपा नेता और पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए कहा कि हमारे देश के आधी आबादी को 33 प्रतिशत का आरक्षण का लाभ पीएम मोदी देना चाह रहे थे। वहीं विपक्षियों ने गोलबंद होकर इस बिल को गिराने का काम किया। पिछले 2023 मे कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने महिला बिल पर अपना समर्थन दिया था। इस बार भी भाजपा को आशा थी कि समर्थन मिलेगा। लेकिन राहुल गांधी, टीएमसी, सपा का रोल काफी ख़राब रहा आने वाले समय मे महिलायें इसका जबाब देगी। वहीं पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि पारा मिलिट्री फोर्स पश्चिम बंगाल में चुनाव के लिए लगाया गया है। इससे तृणमूल कांग्रेस के भय का माहौल खत्म हो गया है। बंगाल के लोग भाजपा को चाह रहे हैं। इसलिए भाजपा की जीत बंगाल में निश्चित है।
वहीं वर्तमान हेमंत सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस-जेएमएम की सरकार चल रही है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बंगाल में तृमूल कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने के लिए गए हैं, जबकि वहां कांग्रेस भी चुनाव लड़ रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार