श्रीकृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता के प्रसंग के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन

 




रामगढ़, 10 अक्टूबर (हि.स.)। जिमखाना क्लब रिजॉर्ट में रुंगटा परिवार की ओर से रामचंद्र रूंगटा की पुण्य स्मृति में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शनिवार को समापन हुआ। श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित कथा का श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक रसपान किया।

समापन दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अटूट मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आचार्य ने कहा कि सच्ची मित्रता प्रेम, विश्वास, समर्पण और निस्वार्थ भाव पर आधारित होती है। भगवान श्रीकृष्ण की ओर से सुदामा का आत्मीय स्वागत मित्रता की अनुपम मिसाल है।

कथा के दौरान मधुर भजनों, महारास की मनोरम झांकियों और फूलों की होली ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘राधे-राधे’, ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘बांके बिहारी लाल की जय’ के जयघोष से कथा स्थल गूंज उठा। समापन अवसर पर हवन, पूर्णाहुति और श्रीमद्भागवत भगवान की आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद एवं भंडारे का वितरण हुआ।

मुख्य यजमान माया रूंगटा और आलोक रूंगटा ने आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कथा ने प्रेम, सेवा, समर्पण और सच्ची मित्रता का संदेश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश