शिक्षक दिवस पर सिदो-कान्हो विद्यालय में रंगारंग कार्यक्रम

 




-शिक्षक समाज के निर्माण की सबसे मजबूत नींव : लोबिन हेंब्रम

गोड्डा, 05 सितंबर (हि.स.)। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को सिदो-कान्हो आदर्श विद्यालय, ललमटिया परिसर में भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने गीत, संगीत, नृत्य, भाषण सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल रहा।

कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के पूर्व मंत्री लोबिन हेंब्रम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य हिरामन पंडित, उपप्रधानाचार्य इतवारी पंडित, सिदो-कान्हो क्लब के अध्यक्ष एवं सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक, स्थानीय गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए लोबिन हेंब्रम ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण की सबसे मजबूत नींव होते हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करने के साथ उनके भविष्य को भी दिशा देते हैं।

लोबिन हेंब्रम ने कहा कि सिदो-कान्हो आदर्श विद्यालय वर्ष 2006 से गरीब और जरूरतमंद बच्चों के बीच शिक्षा की ज्योति जलाने का कार्य कर रहा है। विद्यालय के इस प्रयास में उन्होंने भी अपनी ओर से हरसंभव सहयोग और भूमिका निभाने का प्रयास किया है।

पूर्व मंत्री ने महान शिक्षाविद् एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए कहा कि शिक्षकों को उनके विचारों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और देश एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी चाहिए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य हिरामन पंडित ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। विद्यार्थियों को हर परिस्थिति में धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय विद्यार्थियों के जीवन को निखारने और अपनी प्रतिभा पहचानने का महत्वपूर्ण अवसर है। मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

प्रधानाचार्य ने अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आर्थिक कठिनाई के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। यदि किसी अभिभावक को अपने बच्चे की शिक्षा जारी रखने में आर्थिक परेशानी हो रही है तो वे विद्यालय प्रबंधन से संपर्क कर सकते हैं। विद्यालय की ओर से जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

समारोह का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। गीत, संगीत, नृत्य और भाषण के जरिए छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

समारोह में स्कूल के शिक्षकों, छात्रों के अभिभावकों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।------------

हिन्दुस्थान समाचार / रंजीत कुमार