शिरडी में साईं बाबा के दर्शन कर मुख्यमंत्री ने मांगा राज्यवासियों के सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
रांची, 20 जून (हि.स.)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने महाराष्ट्र प्रवास के दौरान शनिवार को शिरडी पहुंचे, जहां उन्होंने साईं बाबा के समाधि मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों से व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है।
दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे व्यक्ति को आत्ममंथन और आत्मिक विकास का अवसर भी प्रदान करते हैं। ऐसे स्थानों पर पहुंचकर मनुष्य को समाज और मानवता के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का वातावरण व्यक्ति को सकारात्मक सोच प्रदान करता है, जो जीवन को सही दिशा देने में सहायक होता है।
साईं बाबा मंदिर में दर्शन के उपरांत श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा साईं बाबा की प्रतिमा भेंट की गई। गाडिलकर ने कहा कि शिरडी विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। देश-विदेश से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर साईं बाबा के दर्शन करते हैं और उनके उपदेशों से प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनका शिरडी से पुराना आध्यात्मिक जुड़ाव रहा है और वह पूर्व में भी कई बार यहां दर्शन के लिए आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी साईं बाबा के अनेक मंदिर हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। वह स्वयं भी समय-समय पर साईं बाबा मंदिरों में दर्शन करने जाते रहते हैं।
सोरेन ने कहा कि जनता की सेवा करने की जो जिम्मेदारी उन्हें मिली है, उसे वह ईश्वर के आशीर्वाद का परिणाम मानते हैं। उन्होंने कहा कि साईं बाबा के आशीर्वाद से ही उन्हें समाज और राज्य के लोगों के लिए कार्य करने की प्रेरणा और शक्ति मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह साईं बाबा के चरणों में अच्छे विचार, सकारात्मक सोच और भविष्य में अधिक से अधिक जनहितकारी कार्य करने की क्षमता प्राप्त करने की कामना लेकर आए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने शिरडी दौरे की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी साझा की। उन्होंने लिखा कि परिवार सहित शिरडी की पावन धरती पर पहुंचकर साईं बाबा के चरणों में नमन किया तथा झारखंड के नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की प्रार्थना की। उन्होंने कामना की कि साईं बाबा की कृपा सभी लोगों पर बनी रहे।
उन्होंने कहा कि जीवन में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्ति को उनसे सीख लेते हुए समाज और मानवता के हित में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने प्रार्थना की कि साईं बाबा उन्हें लोगों की सेवा करने और राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य करने का मार्गदर्शन प्रदान करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने झारखंड में पेयजल व्यवस्था और जल संरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक समय राज्य के कई इलाकों में पेयजल की स्थिति अत्यंत गंभीर थी, लेकिन सरकार के प्रयासों से अब बड़ी संख्या में घरों तक नल के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में अब भी पेयजल की समस्या बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने लोगों से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन राज्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। इनके संरक्षण से ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे