मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रजरप्पा में की मां रूपी सोरेन की अस्थियां विसर्जित
-संताली रीति-रिवाज और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ अस्थि विसर्जन-ग्रामीणों के बीच वस्त्र वितरित किए
रामगढ़, 19 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन की अस्थियां रजरप्पा स्थित दामोदर-भैरवी नदी के पवित्र संगम पर जाड्ंग बाहा तुपुनाई घाट में विसर्जित कीं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मान्यताओं और पारंपरिक संताली रीति-रिवाजों के अनुसार पूरे श्रद्धाभाव से अस्थि विसर्जन की रस्में पूरी कीं।
मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा से मां की अस्थियों का कलश लेकर गमगीन माहौल में रजरप्पा पहुंचे। यहां मां छिन्नमस्तिका मंदिर के निकट दामोदर-भैरवी नदी के संगम तट पर स्थित जाड्ंग बाहा तुपुनाई घाट में पारंपरिक संताली विधि-विधान के साथ अस्थियां विसर्जित की गईं।
अस्थि विसर्जन की रस्में परगना बाबा जोगेश्वर सोरेन के नेतृत्व में संपन्न कराई गईं। इस दौरान मांझी बाबा बिन्दे सोरेन, लुगू गोडैत, सुरेन्द्र टुडू, पारानीक बाबा महावीर मुर्मू, सोमाय टुडू और जीतलाल मुर्मू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अस्थि विसर्जन और अन्य पारंपरिक रस्में पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच वस्त्र वितरित किए। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की दिवंगत मां रूपी सोरेन का संस्कार भोज 18 अक्टूबर 2026 को उनके पैतृक गांव नेमरा में संपन्न हुआ था।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे