झारखंड में विज्ञान, शोध और नवाचार को मिलेगा नया आयाम, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिए कई अहम निर्देश
रांची, 29 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार परिषद की आम सभा की बैठक झारखंड मंत्रालय में आयोजित की गई। बैठक के दौरान विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के भीतर नवाचार-उन्मुख वातावरण को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। राज्य के समग्र विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका की प्रभावशीलता को बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में प्रतिभा, प्राकृतिक संसाधन और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच और संस्थागत सहयोग देने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक और वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में परिषद के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को बढ़ावा देने, नवाचार संस्कृति के विस्तार और शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं तथा अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी और झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएंगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए और राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन तथा प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और नवाचार को समाज तथा शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना आज समय की सबसे बड़ी मांग है।
मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विशेष चर्चा की और निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी और आम लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल बेहद उपयोगी साबित होगी और इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ यांत्रिक नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कृषि कार्य अधिक आधुनिक, सरल और उत्पादक बन सकेंगे, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनकर न रह जाए, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें, समझें और उससे प्रेरणा लें। उन्होंने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस सेंटर और तारामंडलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए।
सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी और तारामंडलों का शैक्षणिक भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल करने का भी निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित होगी, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगी।
बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक विकास मुंडा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक सुनील कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे