बिना कारकेड के मंत्रालय पहुंचे मुख्यमंत्री, कहा- मैं भी आम आदमी हूं

 


रांची, 28 अप्रैल(हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिना अपने कारकेट के ही झारखंड मंत्रालय पहुंच गए। कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों ने उनसे इसकी वजह जानने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि क्या आप लोग मुझे आम आदमी नहीं समझते। प्रोटोकॉल का हवाला देने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी हमेशा आम आदमी ही होता है। यह कोई नया नहीं है। इस पर मेरे लिए बोलने को कुछ नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी का भी एक दायित्व होता है और सरकार का भी एक दायित्व होता है। हमारी कोशिश होती है कि हम अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करें।

दिशोम गुरु आवासीय विद्यालय को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस संवर्ग एक ऐसा संवर्ग है, जहां घटनाओं में हमारे पुलिस के जवान शहीद होते रहते हैं। चाहे वह राज्य पुलिस के जवान हो, सीआरपीएफ के हो या बीएसएफ हो या और भी अन्य पारा मिलिट्री के जवान हों, उनके साथ घटनाएं होती रहती हैं।

उन्होंने कहा कि चाहे राज्य पुलिस के जवान हों या सीमा पर तैनात जवान, ये सारे लोग मेहनतकश परिवार से आते हैं, कोई किसान का बेटा होता है तो कोई मजदूर का बेटा, ये लोग कोई पूंजीपति परिवार से नहीं आते हैं। ऐसे में जब उनके साथ कोई घटना घट जाती है कि पूरा परिवार बिखर जाता है। ऐसे जवानों के बच्चे अपने ही वातावरण में बनाए गए विद्यालय में शिक्षा दीक्षा ग्रहण करें। इसके लिए वह एक ऐसे आवासीय विद्यालय बनाने जा रहे हैं जो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसा होगा।

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के बाद नतीजों के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि नतीजे आने दीजिए, जब नतीजा आएगा तब देखा जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे