मुख्यमंत्री ने की सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक, दिए महत्वपूर्ण निर्देश

 


रांची, 15 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों में हो रही देरी और लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पुल-पुलिया जैसी सभी परियोजनाओं की समयबद्ध तैयारी और निर्धारित अवधि में गुणवत्ता के साथ पूरा होना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान पथ निर्माण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं, निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें विभिन्न सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पुल-पुलिया परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति और लंबित कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई।

प्रस्तुति का गहन अवलोकन करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं का अद्यतन और सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाए तथा प्रत्येक योजना की जियो-टैगिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर परियोजना की लागत, प्रगति, समय-सीमा और वर्तमान स्थिति का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए, ताकि कार्यों की प्रभावी निगरानी और समय पर समीक्षा की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जियो-टैगिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी, निगरानी प्रणाली मजबूत होगी और जवाबदेही तय करने में आसानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें तथा सभी निर्माणाधीन और पूर्ण परियोजनाओं का अद्यतन विवरण नियमित रूप से उपलब्ध कराते रहें।

हेमन्त सोरेन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें और उनके निष्पादन का पूरा रिकॉर्ड भी संधारित करें।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से वर्षा ऋतु का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मौसम में सड़कों की खराब स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। इसलिए गड्ढों की तत्काल मरम्मत, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था और सड़कों की गुणवत्ता में सुधार पर प्राथमिकता से कार्य किया जाए। साथ ही जहां आवश्यकता हो, वहां संकीर्ण सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कर यातायात को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाए।

निर्माणाधीन परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की कई सड़क, फ्लाईओवर और पुल-पुलिया परियोजनाएं वर्षों से लंबित हैं, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राजधानी रांची सहित राज्य की सभी महत्वपूर्ण लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कुछ प्रमुख परियोजनाओं को आगामी दो माह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक सहित अन्य नवीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, मजबूती तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत बनाने, समुचित जल निकासी व्यवस्था विकसित करने तथा सभी निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे