अपराध से बचाने के लिए बच्चों को हो कानून की जानकारी : पीडीजे
रामगढ़, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) मो. तौफीकुल हुसैन के मार्गदर्शन में मंगलवार को सुरक्षित बचपन अभियान के तहत गोला एवं दुलमी प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के तहत राजकीय संपोषित प्लस टू उच्च विद्यालय, गोला, उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बरलंगा, जनता उच्च विद्यालय, होन्हे (दुलमी) तथा उत्क्रमित उच्च विद्यालय, सिकनी में विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो तौफीकुल हसन ने कहा कि अपराध से तभी बचा जा सकता है जब बच्चों को कानूनी जानकारी पहले से हो। कार्यक्रम में चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल संजीत कुमार सिंह और असिस्टेंट लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अभिनव कुमार सहित विधि विद्यार्थी रिया भारती ने विद्यार्थियों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), साइबर अपराध एवं निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जागरूक किया।
वक्ताओं ने बताया कि पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण और उत्पीड़न से कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाती है। विद्यार्थियों को अच्छे और अनुचित स्पर्श के बीच अंतर समझने, गलत व्यवहार का विरोध करने एवं किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया गया।
डिजिटल सुरक्षा पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने में सतर्क रहने तथा पासवर्ड, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
मौके पर पारा लीगल वॉलिंटियर्स निरंजन कुमार, किशोर कुमार, आकाश कुमार, पूनम देवी सहित अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश