जंगली फल खाने से एक ही परिवार के नाै बच्चों की तबीयत बिगड़ी

 


बोकारो, 14 जून (हि.स.)।, चंद्रपुरा प्रखंड के भंडारीडीह पंचायत अंतर्गत फुलवारी टोला में रविवार को एक ही परिवार के नौ बच्चों की तबीयत जंगली फल खाने से बिगड़ गई। घटना के बाद सभी बच्चों को तत्काल फुसरो अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए बोकारो सदर अस्पताल रेफर किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे गांव के बगीचे में खेल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद जंगली फल खा लिया। कुछ समय बाद सभी बच्चों को उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।

प्राथमिक जांच कर रहे चिकित्सक डॉ. जितेंद्र ने बताया कि प्रभावित बच्चों की उम्र चार से 15 वर्ष के बीच है। बीमार बच्चों में सारिका, संजीव, सिमरन, अंजली, नीतू, कृतिका, रोनित, भगीरथ और पंकज शामिल हैं। शुरुआती जांच में तीन बच्चों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिनमें से दो बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया गया।

परिजनों ने बताया कि बच्चों ने अनजाने में जंगली फल खा लिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। अस्पताल में सभी बच्चों का उपचार जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। इस बीच परिजनों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नाराजगी भी जताई है। उनका आरोप है कि बोकारो सदर अस्पताल पहुंचने पर पर्याप्त बेड और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं थी। बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, जिसके बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले गए।

घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और जंगली एवं विषैले फलों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल कुमार