धनबाद पुलिस पर लगे माफिया गठजोड़ के आरोपों की जांच कराएं मुख्यमंत्री : बाबूलाल
रांची, 14 अगस्त (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्य़मंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि बीसीसीएल के सीएमडी को अपनी जान माल की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है, इससे दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है।
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस–कोयला माफिया के गठजोड़ और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार पर करारा प्रहार किया।
उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि धनबाद में अब सवाल सिर्फ कोयला चोरी का नहीं, बल्कि कथित पुलिस–कोयला माफिया गठजोड़ का भी है। केंद्र सरकार के अधीन एजेंसियों और सीआईएसएफ की ओर से अवैध कोयला कारोबार पर शिकंजा कसते ही आखिर किसके इशारे पर भारत कोकिंग कोल इंडिया और उसके अधिकारियों पर दबाव बढ़ने के आरोप लग रहे हैं। वैध कोयला ढोने वाले वाहनों को रोकना, मुकदमों में उलझाना और अब छाताबाद भू-धंसान मामले में बीसीसीएल के सीएफडी मनोज अग्रवाल तक को आरोपित बनाना, यह महज़ संयोग है या किसी बड़े खेल की कड़ियां हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर बात यह कि बीसीसीएल के सीएमडी को कथित तौर पर जान से मारने की धमकियों और कोयला माफिया से खतरे को लेकर उच्चऔ न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है। यदि यह स्थिति है, तो सवाल सीधे धनबाद पुलिस से है कि पुलिस कानून की रखवाली कर रही है या कोयला माफिया के हितों की पैरोकार बनी है।
उन्होंने कहा कि आरोप बेहद गंभीर है बीसीसीएल के सीएमडी की अवैध खनन पर केंद्रीय एजेंसियों की सख्ती के बाद बीसीसीएल के वैध खनन और परिवहन को ही परेशान करने की रणनीति अपनाई जा रही है, ताकि अधिकारियों पर दबाव बने और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई कमजोर पड़े। यदि ऐसा है तो यह प्रशासन नहीं, माफिया तंत्र को सरकारी संरक्षण देने का मामला है और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
बाबूलाल ने मुख्यमंत्री से कहा है कि सत्ता की ताकत से सवाल दब सकते हैं, लेकिन सच नहीं दबाया जा सकता। कोयला, बालू और पत्थर के काले कारोबार पर कार्रवाई से इतनी बेचैनी क्यों है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से धनबाद पुलिस पर लगे माफिया गठजोड़ के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि सरकार बताए कि पुलिस की वर्दी कानून के साथ खड़ी है या कोयले के काले कारोबार के साथ खडी है। धनबाद को पुलिस चाहिए, कोयला माफिया की सुरक्षा एजेंसी नहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak