विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर चेतना विकास ने चलाया जागरूकता अभियान

 


देवघर, 12 जून (हि.स.)। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कार्यरत संस्था चेतना विकास चेतना विकास ने जसीडीह रेलवे स्टेशन एवं जसीडीह थाना परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम के दौरान बाल श्रम एवं बाल तस्करी की रोकथाम, बच्चों के शिक्षा के अधिकार, सुरक्षा और पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। जसीडीह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के बीच जागरूकता संदेशों का प्रसार किया गया।

वहीं जसीडीह थाना में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों और बाल तस्करी की रोकथाम पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेलवे प्रबंधक शंकर शैलेश ने कहा कि रेलवे स्टेशन परिसर में इस प्रकार का जागरूकता कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे कार्यक्रम तीन से छह माह के अंतराल पर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के क्षेत्र में और बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

इस अवसर पर जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार ने कहा कि बाल श्रम और बाल तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना हम सभी का दायित्व है और पुलिस प्रशासन बाल अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति की सदस्य बेबी सरकार एवं मनोरमा सिंह, जिला बाल संरक्षण इकाई की काउंसलर अमृता कुमारी, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक अनिल पासवान सहित पुलिस एवं बाल संरक्षण से जुड़े कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित थेे। चेतना विकास की निदेशक रानी कुमारी ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और शोषण-मुक्त बचपन का अधिकार है। संस्था ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि कोई बच्चा बाल श्रम, तस्करी या शोषण की स्थिति में दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन, पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि समय रहते बच्चों को सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy