नौकरी जाने से नाराज सीजीएल अभ्यर्थी जबरन घुसे प्रोजेक्ट भवन में, किया प्रदर्शन

 


रांची, 19 अगस्त (हि.स.)। राज्य सरकार की ओर से सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से नाराज सफल अभ्यर्थियों का आक्रोश बुधवार को उस समय बढ़ गया, जब उन्हें प्रोजेक्ट भवन के अंदर जाने से रोक दिया गया। भारी बारिश के बीच आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने जबरन प्रोजेक्ट भवन परिसर में प्रवेश कर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन बड़ी संख्या में आंदोलनकारी सचिवालय परिसर के अंदर पहुंच गए।

प्रदर्शन के दौरान कई आंदोलनकारी भावुक होकर एक-दूसरे से लिपटकर रोते नजर आए। उनका कहना था कि जिस कार्यालय में वे कल तक काम कर रहे थे, उसी कार्यालय से उन्हें बाहर होना पड़ा है।

इस अवसर पर अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के फैसले से उनकी नौकरी चली गई और वे अचानक बेरोजगार हो गए।

मौके पर पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों को सचिवालय परिसर खाली करने की चेतावनी दी। डीएसपी नीरज कुमार ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 163 के तहत यहां प्रदर्शन करना प्रतिबंधित है। उन्होंने चेतावनी दी कि परिसर खाली नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर झारखंड मंत्रालय में कार्यरत रहीं प्रिया ने कहा कि सरकार ने बिना उचित प्रक्रिया के सीजीएल परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया, जिससे दो हजार से अधिक कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी न्यायिक रास्ता अपनाएंगे और सरकार से फैसला वापस लेने की मांग करते हैं।

पूजा लकड़ा ने कहा कि परीक्षा रद्द करने की भी निर्धारित प्रक्रिया होती है। उन्होंने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।

दीनबंधु दुबे ने कहा कि अभ्यर्थी शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। मंत्रालय के बाहर टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके कारण बारिश में खुले में प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि फैसला वापस नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान सचिवालय प्रशासन आंदोलनकारियों को समझाने में जुटा रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar