एसआईआर में बीएलए की अहम भूमिका, प्रारूप सूची के बाद रोजाना अधिकतम 10 आवेदन जमा कर सकेंगे

 


रांची, 02 सितंबर (हि.स.)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की भूमिका और आवेदन जमा करने की प्रक्रिया स्पष्ट की है। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकृत बीएलए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से संबंधित आवेदन प्रपत्र सामूहिक रूप से संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के समक्ष जमा कर सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार बीएलए द्वारा जमा किए गए आवेदन प्रपत्रों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन और जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी आवेदन पर आवश्यक निर्णय लेंगे।

के. रवि कुमार ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले एक बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन प्रपत्र बीएलओ के समक्ष जमा कर सकता था। वहीं, प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद यह सीमा घटकर प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र हो गई है।

उन्होंने बताया कि झारखंड में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। ऐसे में वर्तमान में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र संबंधित बीएलओ को सौंप सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बीएलए द्वारा सामूहिक रूप से आवेदन प्रपत्र जमा करते समय संबंधित आवेदनों की सूची के साथ लिखित घोषणा अथवा अंडरटेकिंग देना अनिवार्य होगा।

इस घोषणा में बीएलए को प्रमाणित करना होगा कि उन्होंने संलग्न सभी आवेदन प्रपत्रों में दर्ज विवरणों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया है और उनमें दी गई जानकारियों की शुद्धता से संतुष्ट हैं। घोषणा-पत्र में बीएलए का पूरा नाम, संबंधित राजनीतिक दल का नाम, दिनांक और पूर्ण हस्ताक्षर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

के. रवि कुमार ने बताया कि यदि कोई बीएलए विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा करता है, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन करना आवश्यक होगा।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सामूहिक रूप से प्राप्त आवेदन प्रपत्रों की शुद्धता सुनिश्चित करना और मतदाता सूची की विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखना है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके अधिकृत बीएलए से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करने तथा एसआईआर के दौरान आपसी समन्वय के साथ सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। साथ ही, किसी भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों, बीएलए और निर्वाचन तंत्र के समन्वित प्रयास से मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, विश्वसनीय और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे