एसआईआर में तेजी लाने के लिए सभी बूथों पर बीएलए-2 नियुक्त करें राजनीतिक दल : के.रवि कुमार
रांची, 09 जून (हि.स.)। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) की नियुक्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को सफल बनाने में बीएलए-2 की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस संबंध में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर विधानसभावार प्राप्त बीएलए-2 की संख्या से अवगत कराया है। राजनीतिक दलों द्वारा विभिन्न मतदान केंद्रों के लिए नियुक्त बीएलए-2 की विवरणी संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) को उपलब्ध कराई गई है।
जारी सूची के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने सर्वाधिक 21,645 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। इसके बाद कांग्रेस द्वारा 17,479, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा 14,482, ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) पार्टी द्वारा 2,967, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा 2,765 तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) द्वारा दो बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं।
के. रवि कुमार ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपेक्षा की जाती है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए अपने-अपने बीएलए-2 की नियुक्ति अवश्य करें, ताकि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान वे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा तैयार की जाने वाली अनुपस्थित (एब्सेंट), स्थानांतरित (शिफ्टेड), मृत (डेथ) तथा डुप्लिकेट मतदाताओं की सूची का सत्यापन संबंधित बीएलए-2 के माध्यम से किया जाना है। इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने में सहायता मिलेगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ के सहयोग के लिए राजनीतिक दलों के बीएलए-2 की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा बीएलए-2 की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी आई है, जो सराहनीय है।
सीईओ ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि जिन मतदान केंद्रों पर अभी तक बीएलए-2 नियुक्त नहीं किए गए हैं, वहां भी शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी, प्रभावी और व्यापक जनसहभागिता के साथ संपन्न हो सके।------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे