मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में आईआरएस का छिड़काव शुरू
देवघर, 27 मई (हि.स.)। उपायुक्त के निर्देशानुसार देवघर जिले के सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सर्किल अंतर्गत 20 मई से मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में आईआरएस (इंडोर रेजिडुअल स्प्रे) कीटनाशक दवा (एसपी 2.5 प्रतिशत) छिड़काव अभियान की शुरुआत की गई।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को मलेरिया और अन्य मच्छर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर जागरूक किया गया।
साथ ही आईआरएस के महत्व एवं फायदे बताते हुए लोगों को अपने घरों के सभी कमरों में छिड़काव कराने के लिए प्रेरित किया गया। जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव ने बताया कि जिले में छिड़काव कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए कुल 09 छिड़काव दलों का गठन किया गया है। मलेरिया प्रभावित 32 हेल्थ सब सेंटर (एचएससी) क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले कुल 38 गांवों को इस अभियान के लिए चिन्हित किया गया है, जिससे लगभग 24,963 लोग लाभान्वित होंगे।
उन्होंने बताया कि कुल 4452 लक्षित घरों के 20,029 कमरों में मानसून पूर्व प्रथम चक्र के तहत 20 मई से 03 जून तक और 75 दिन बाद मानसून के दौरान या बाद में द्वितीय चक्र के तहत 11 अगस्त से 10 सितंबर तक आईआरएस छिड़काव कार्य किया जाएगा। इसके अलावा 07 गांवों को फोकल स्प्रे के लिए भी चिन्हित किया गया है, जहां 1713 आबादी को कवर किया जाएगा। आईआरएस अभियान से पहले 06 गांवों को मलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत कीट विज्ञान सर्वेक्षण कार्य के लिए चयनित किया गया है। यहां छिड़काव से पूर्व एवं बाद में मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलिज मच्छरों के घनत्व का आकलन किया जाएगा। इसके लिए किट संग्रहकर्ता अमित कुमार के नेतृत्व में चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो 19 मई से 17 जून 2026 तक गांव-गांव जाकर सर्वेक्षण कार्य करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy