रांची में दो नए फ्लाईओवर निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी, 820 करोड़ से अधिक होंगे खर्च
रांची, 28 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में राजधानी रांची के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे बड़ा निर्णय शहर में दो नए फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर रहा। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 820 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि पहला फ्लाईओवर अरगोड़ा चौक से हरमू हाउसिंग कॉलोनी, डीबडीह आरओबी होते हुए कटहल मोड़ और अशोकनगर तक बनाया जाएगा। यह फ्लाईओवर काव्स रेस्टोरेंट के पास से शुरू होकर सेलर्स नॉट रेस्टोरेंट के समीप डीबडीह आरओबी तक जाएगा, जिसमें कटहल मोड़ (चापूटोली) की ओर लेग्स भी शामिल होंगे।
इस फ्लाईओवर की कुल लंबाई 3.804 किलोमीटर होगी और इसके साथ सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 469 करोड़ 62 लाख 12 हजार 300 रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे शहर के इस हिस्से में यातायात का दबाव काफी कम होगा।
दूसरा फ्लाईओवर करमटोली से चिरौंदी स्थित साइंस सिटी तक बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 3.216 किलोमीटर होगी। इस परियोजना की लागत 351 करोड़ 14 लाख 44 हजार 800 रुपये निर्धारित की गई है। इसमें भू-अर्जन, पुनर्वास (आर एंड आर), यूटिलिटी शिफ्टिंग, पौधारोपण और बागवानी का खर्च भी शामिल है।
इस फ्लाईओवर के तहत साइंस सिटी तक 2.7 किलोमीटर का मुख्य मार्ग और मोरहाबादी तक 0.516 किलोमीटर लंबा लिंक रोड या अतिरिक्त लेग भी तैयार किया जाएगा। इससे उत्तरी रांची क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में भोजपुरी, अंगिका और मगही भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल नहीं करने का फैसला लिया। इससे पहले पिछली बैठक में कांग्रेस की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भोजपुरी और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया था। इस बार कैबिनेट ने इसे सूची से बाहर रखने का निर्णय लिया।
इसके अलावा कैबिनेट ने जेटेट (जेटेट) नियमावली की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की, हालांकि पुरानी नियमावली में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा अवधि को नियमित सेवा में जोड़कर पेंशन स्वीकृति देना, राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण के गठन की मंजूरी, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण की स्वीकृति शामिल है।
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू के अंतर्गत जीईसी पलामू इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संचालित किए जाएंगे, जिन पर पांच वर्षों में 22 करोड़ 97 लाख 31 हजार रुपये खर्च होंगे।
राज्य में एआई इनोवेशन और एडॉप्शन को गति देने के लिए गुगल एलएलसी के साथ एमओयू करने की भी स्वीकृति दी गई है।
इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के कुल 50 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को हर वर्ष विदेश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में एक वर्षीय मास्टर्स कोर्स के लिए छात्रवृत्ति देने की मंजूरी भी दी गई। यह योजना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak