बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस : राधाकृष्ण
रांची, 24 फ़रवरी (हि.स.)। वित्त मंत्री राधा कष्ण किेशाेर ने कहा कि झारखंड में सोरेन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ऐसा बजट पेश किया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना सहित अन्य मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है।
वित्त मंत्री ने मंगलवार को मीडिया काे संबाेधित करते हुए कहा कि बजट में विभिन्न विभागों के लिए बड़ी राशि का प्रावधान करते हुए सरकार ने विकास की गति तेज करने और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ, हेमंत सरकार की ओर से अपने बूते राज्य के आंतरिक संसाधनों को सशक्त कर झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस किया गया है। इसी के तहत इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण और अवसंरचना क्षेत्रों में बजट में लगभग 45 हजार रोजगार अवसर सृजित होने की संभावनाएं हैं। वहीं आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत 5,000 से 6,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। विभिन्न औद्योगिक नीतियों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाया जाएगा, जिससे लगभग 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावनाएं है।
इसी तरह आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में रेशम क्षेत्र में 1,800 मीट्रिक टन तसर रेशम उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। बजट में कुटीर उद्योग के सतत विकास के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाने के प्रावधानों को शामिल है। प्रशासनिक प्रशिक्षण के लिए रांची स्थित श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में 155 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से नए भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर होने की बातें बजट में कही गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भवन निर्माण विभाग के लिए 894 करोड़ 31 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत झारखंड राज्य के लिए कुल 2 लाख 11 हजार 10 आवासीय इकाइयां स्वीकृत किए गए है। बजट में आगामी वित्तीय वर्ष में लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास योजना के तहत 36 हजार 202 तथा भागीदारी आधारित किफायती आवास योजना के तहत 36 हजार 740 निर्माणाधीन आवास पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत आदित्यपुर, सिमडेगा, हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजनाओं तथा चास सेप्टेज प्रबंधन योजना को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किए गए है। नौ निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं को स्वीकृति तथा छह लिगेसी अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य बजट में शामिल किया गया है। वहीं 14 जलापूर्ति परियोजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए तीन हजार 919 करोड़ 40 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है।
अन्य विभागों के लिए बजट प्रावधान के तहत पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के लिए 361 करोड़ 67 लाख रुपये, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-शासन के लिए 328 करोड़ 99 लाख रुपये,
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 11 हजार 38 करोड़ 53 लाख रुपये, योजना एवं विकास विभाग के लिए 539 करोड़ 94 लाख रुपये, वन विभाग के लिए एक हजार 544 करोड़ 75 लाख रुपये, पथ निर्माण विभाग के लिए छह हजार 601 करोड़ 28 लाख रुपये, ग्रामीण कार्य विभाग के लिए 5 हजार 81 करोड़ 74 लाख रुपये, नागर विमानन के लिए 138 करोड़ 63 लाख रुपये, ऊर्जा विभाग के लिए 11 हजार 197 करोड़ 89 लाख रुपये राशि शामिल किए गए है।
उन्हाेंने बताया कि शिक्षा और कल्याण विभाग के तहत
साइकिल वितरण योजना के तहत 136 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 1,216 करोड़ रुपये का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए तीन हजार 568 करोड़ 19 लाख रुपये निर्धारित है। जबकि प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 16 हजार 251 करोड़ 43 लाख रुपये, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 2 हजार 564 करोड़ 45 लाख रुपये, सात जिलों में 12 नए महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव करने की बातें शामिल है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जाएंगी।
उन्हाेंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में रिम्स में एमबीबीएस सीटों को दोगुना करने का लक्ष्य, अगले वर्ष रिम्स सहित अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 220 एमबीबीएस सीटों की बढ़ोतरी करने, आगामी चार वर्षों में एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,030 से दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह 750 अबुआ दवाखाना खोलने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रख रखाव योजना शत-प्रतिशत राज्य योजना से संचालित किए जाने, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सात हजार 990 करोड़ 30 लाख रुपये, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए पांच हजार 194 करोड़ 53 लाख रुपये, जल जीवन मिशन के तहत 62 लाख 55 हजार ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य करने, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के लिए दाे हजार 887 करोड़ 27 लाख रुपये किए जाने की बातें शामिल है। ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा मामलों के विभागीय बजट में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के लिए एक हजार 168 करोड़ 73 लाख रुपये, ग्रामीण विकास के लिए 12 हजार 346 करोड़ 90 लाख रुपये, पंचायत ज्ञान केंद्रों के लिए 209 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान है। 15वें वित्त आयोग से एक हजार 340 करोड़ रुपये अनुदान मिलने के प्रावधान है। महिलाओं, बच्चों एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए 22 हजार 995 करोड़ 69 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किए गए है। मंत्री ने कहा कि इसी तरह बजटीय प्रावधान में गांव से लेकर शहरी क्षेत्रों के लिए कई अन्य बेहतर प्रावधान किए गए है ताकि राज्य का सर्वांगिण विकास हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar