टू टैंक में विस्थापितों का धरना नौवें दिन भी जारी, निषेधाज्ञा लागू

 




बोकारो, 18 अक्टूबर (हि.स.) बोकारो इस्पात संयंत्र में नियोजन और विस्थापितों के अधिकारों को लेकर जारी आंदोलन के बीच जिला प्रशासन ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाया है। संयंत्र के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। वहीं, टू टैंक गार्डन स्थित धरना स्थल पर विस्थापितों का आंदोलन रविवार को नौवें दिन भी जारी रहा।

चास के अनुमंडल पदाधिकारी प्रांजल ढांडा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निषेधाज्ञा 18 अक्टूबर 2026 को सुबह पांच बजे से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि बीएसएल के मुख्य द्वार सहित अन्य गेटों को बंद कर धरना-प्रदर्शन किए जाने से कर्मचारियों, अधिकारियों, संविदा श्रमिकों और आवश्यक सेवाओं के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इससे संयंत्र की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।

आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, रैली, सभा और धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने संबंधित संगठनों से संयंत्र के द्वारों को अवरुद्ध नहीं करने और आवागमन सामान्य बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि टू टैंक गार्डन के समीप शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शन जारी रखा जा सकता है।

इधर, आंदोलन से जुड़ी प्रेस विज्ञप्ति में विधायक श्वेता सिंह के स्वास्थ्य में गिरावट की जानकारी दी गई है। विज्ञप्ति के अनुसार, उनका रक्तचाप 90/60 और ब्लड शुगर 93 दर्ज किया गया है। उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों और विस्थापित परिवारों में चिंता जताई जा रही है। धरना दे रहे विस्थापित परिवार नियोजन सहित लंबित समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बीएसएल की स्थापना के लिए जमीन गंवाने वाले परिवारों को उनके अधिकार मिलने चाहिए।

आंदोलनकारियों ने मांगों के समाधान के लिए प्रबंधन से ठोस पहल करने की अपील की है। वहीं, विधायक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखने की बात कही गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल कुमार