विपक्षी विधायकों को सदन में आने से रोकना विशेषाधिकार हनन : राज सिन्हा

 


रांची, 11 अगस्त (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों को सदन की कार्यवाही में शामिल होने से रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा के सचेतक राज सिन्हा ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो को पत्र लिखकर इसे विशेषाधिकार हनन बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

राज सिन्हा ने पत्र में कहा है कि 10 अगस्त को रांची जिला प्रशासन की कार्रवाई के कारण उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने से रोका गया। उन्होंने कहा कि सोमवार को सदन में प्रथम अनुपूरक मांगों पर महत्वपूर्ण चर्चा और मतदान होना था, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हो सके।

विधायक ने बताया कि राज्य के छात्रों के रोजगार से जुड़े मुद्दों और कानून-व्यवस्था की स्थिति से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराने के लिए विपक्ष के सभी विधायक उनसे मिलने जा रहे थे। इसी दौरान जिला प्रशासन ने उन्हें रोक लिया और बलपूर्वक कार्रवाई की।

राज सिन्हा ने आरोप लगाया कि विपक्षी विधायकों को बिना उचित कारण और पूर्व सूचना के सदन की कार्यवाही से दूर रखा गया। उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को भी उन्हें बलपूर्वक गिरफ्तार किया गया।

भाजपा सचेतक ने पत्र में कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र पहले से निर्धारित था और इसकी सूचना राज्य के सभी जिला प्रशासन को दी गई थी। ऐसे में विपक्षी विधायकों को सदन की कार्यवाही में शामिल होने से रोकना उनके विधायी विशेषाधिकार का हनन और असंवैधानिक कृत्य है।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak