ब्रह्माकुमारी में मकर संक्रांति पर आध्यात्मिक समारोह आयोजित

 


रांची, 14 जनवरी (हि.स.)। ब्रह्माकुमारी संस्थान में मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार को आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने मकर संक्रांति के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल परंपराओं का पालन नहीं, बल्कि आत्मिक परिवर्तन और संस्कार शुद्धि का संदेश देता है।

निर्मला बहन ने कहा कि वर्तमान समय कलियुग का अंतिम चरण है, जहां मानवता दुख और अशांति से घिरी है। ऐसे समय में परमात्मा शिव संगमयुग पर ब्रह्मा के तन में अवतरित होकर मानवता को ज्ञान और राजयोग के माध्यम से नई दिशा दे रहे हैं। तिल और खिचड़ी के दान का भावार्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने भीतर की सूक्ष्म बुराइयों का त्याग कर दिव्य संस्कार धारण करना चाहिए। उन्होंने ज्ञान गंगा में स्नान को मुक्ति और जीवनमुक्ति का मार्ग बताया।

उन्होंने पतंग उड़ाने के प्रतीकात्मक अर्थ पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्माभिमान से ही आत्मा हल्की बनती है और परमात्मा की डोर थामकर ऊंची उड़ान भर सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar