छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और परीक्षा धांधली की सीबीआई जांच तक आंदोलन जारी रखेगी भाजपा : आदित्य साहू

 






सरायकेला, 09 सितंबर (हि.स.)। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की सीबीआई जांच कराने तक भाजपा आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता लगातार सड़कों पर उतरते रहेंगे।

आदित्य साहू बुधवार को भाजपा के सरायकेला-खरसावां जिला संगठन की ओर से जिला मुख्यालय के समक्ष आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया गया और उपायुक्त को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया।

प्रदर्शन में शामिल भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने राज्य की झामुमो-कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और खनिज संपदाओं के कथित दोहन का आरोप लगाते हुए कहा कि बालू, कोयला, पत्थर और जमीन के बाद अब युवाओं के रोजगार और भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झामुमो सत्ता में आने से पहले जल, जंगल और जमीन की रक्षा का नारा देती थी, लेकिन सरकार बनने के बाद इन्हीं संसाधनों के कथित सौदे किए जा रहे हैं। साहू ने राज्य में विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल, सड़क और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति सामने आई है, जहां स्थानीय भाषाओं की जानकारी नहीं रखने वाले अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि संबंधित भाषाओं का ज्ञान रखने वाले छात्रों को चयन से वंचित कर दिया गया।

सीजीएल परीक्षा को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि चयनित छात्रों को देश से बाहर ले जाकर प्रश्नपत्र लीक किए गए और प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए। उनके अनुसार, बाद में परीक्षा में 150 में से 120 प्रश्न कथित तौर पर वही आए। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई।

साहू ने छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से 26 दिनों तक अनशन पर बैठे। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों को परेशान करने के लिए रात में बिजली और पानी की आपूर्ति बंद की गई तथा शौचालय भी बंद कर दिए गए। भारी बारिश के बावजूद छात्रों को टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई। भाजपा के विरोध के बाद टेंट लगाने की अनुमति मिली।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान राज्य के कई जिलों में छात्रों के साथ मारपीट की गई और करीब एक हजार छात्रों पर मामले दर्ज किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों को आंदोलन से हटाने के उद्देश्य से उनके घरों और छात्रावासों में रात के समय पुलिस छापेमारी की गई।

साहू ने कहा कि सरकार जब तक छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती और परीक्षा में कथित धांधली की सीबीआई जांच नहीं कराती, तब तक भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन करती रहेगी।

एमएमडीआर विधेयक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह झारखंड के हित में है। उन्होंने राज्य सरकार की कोयला और लौह अयस्क पर सेस लगाने की नीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इससे कोयला और लौह अयस्क की बिक्री प्रभावित हुई है और राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा है।

साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के संरक्षण में कोयला और लौह अयस्क का अवैध खनन हो रहा है और इससे सत्ताधारी दलों से जुड़े नेताओं तथा बिचौलियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर रोक और वैध तरीके से खनिजों का उत्खनन होने पर इसका लाभ गांवों, गरीबों और मजदूरों तक पहुंचेगा।

भाजपा नेता ने लोगों से एमएमडीआर विधेयक को लेकर झामुमो और कांग्रेस के कथित दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे