उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग, भाजपा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
रांची, 16 अप्रैल (हि.स.)। उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल और प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जायसवाल ने कहा कि 12 अप्रैल को हुई उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना कोई पहली घटना नहीं है। झामुमो, कांग्रेस और राजद की सरकार में जितनी भी परीक्षाएं हुई हैं, लगभग सभी परीक्षा विवादों में रही है। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर घर भी नहीं पहुंचते, वे बस में ही रहते हैं तभी व्हाट्सएप ग्रुप में चलने लगता है कि पेपर लीक हो गया है।
दोनों भाजपा नेता गुरुवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संयुक्त रुप से आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। जायसवाल ने कहा कि इस मामले में पुलिस प्रशासन की हडबड़ाहट और जांच का रवैया साफ बता रहा है कि कहीं न कहीं बड़ा घालमेल है। युवाओं के भविष्य के साथ यह सरकार पहली बार धोखा नहीं कर रही है। हर नौकरी को इस सरकार ने बेचा है। इस षड्यंत्र में राज्यक सरकार, जेएसएससी और जेपीएससी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि यदि उनके मन में कोई कपट नहीं है तो वे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करें। इससे दूध का दूध और पानी का पानी स्पष्ट हो जाएगा, क्योंकि उत्पाद सिपाही के अभ्यर्थी इस पूरे प्रकरण को शंका की नजर से देख रहे हैं।
जायसवाल ने कहा कि 12 अप्रैल को उत्पाद सिपाही की बहाली को लेकर लिखित परीक्षा के एक दिन पहले 179 बच्चे तमाड़ में गिरफ्तार हुए, उनके साथ अतुल वत्स जो इंटरनेशनल गिरोह का सरगना है वह भी गिरफ्तार हुआ। आनन फानन में पुलिस महकमा ने रात में पहुंचकर इस मामले की लीपापोती का प्रयास किया। सरकार के दबाव में प्रशासन की ओर से कहा गया कि यह पेपर लीक नहीं है। पुलिस और विभाग की हड़बड़ाहट इसके पीछे के सारे खेल के संबंध में साफ इशारा कर रही है। उन्होंने कहा कि तमाड़ थाना प्रभारी ही कह रहे हैं कि वहां पर जो तथ्य आए हैं उसके अनुसार जहां पर प्रश्नपत्र प्रिंट होता है वहीं से चुरा कर बच्चों के बीच बांटा गया और उनको रटाया गया। पुलिस प्रशासन की दोनों बातों में विरोधाभास है। प्रशासन बताए कि सुनसान जंगल में 179 बच्चे अलग-अलग क्षेत्र से जो आये थे रात में कौन सी तैयारी कोचिंग सेंटर की ओर से कराया जा रहा था, जब कोचिंग सेंटर था तो फिर 180 लोगों को जेल क्यों भेजा गया। उन्हों ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि परीक्षा आयोजित करानेवाली किस एजेंसी को हायर किया था। उन्होंरने आरोप लगाया कि यह एजेंसी बिहार में ब्लैकलिस्टेड है जिसपर मामला भी दर्ज है।
मौके पर प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक अमित मंडल ने कहा कि केवल उत्पाद परीक्षा पेपर लीक मामले की नहीं बल्कि विगत 03 वर्षों में जो भी विवादित परीक्षाएं हुई हैं सभी की सीबीआई जांच की मांग भाजपा करती है। यदि मामले की सीबीआई जांच होती है तो मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे