हजारीबाग घटना के विरोध में रांची में महिला मोर्चा का प्रदर्शन, आरोपितों को फांसी देने की मांग
रांची, 30 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा रांची महानगर के तत्वावधान में सोमवार को हजारीबाग जिले के कुसुंबा गांव में मासूम बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना के विरोध में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना–प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम नागरिकों ने भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों ने एक स्वर में घटना के प्रति गहरा आक्रोश जताया और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा गंभीर संकट में है और अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस घटना को सरकार की विफलता और प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बताया।
धरना के बाद प्रदर्शनकारियों ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, कड़ी से कड़ी सजा (मृत्युदंड), पीड़िता को उचित मुआवजा और सुरक्षा तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
धरना को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेत्री आरती कुजूर ने कहा कि यह घटना पूरे समाज के लिए शर्मनाक है और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है, जबकि सरकार इस मुद्दे पर मौन है।
वहीं, भाजपा रांची महानगर की उपाध्यक्ष अनीता वर्मा ने कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार की नाकामी का परिणाम हैं और समय रहते सख्ती बरती जाती तो यह घटना टाली जा सकती थी।
महिला मोर्चा ग्रामीण जिला अध्यक्ष नेहा सिंह ने कहा कि राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अपराधियों में कानून का भय खत्म हो गया है।
इसी क्रम में महिला मोर्चा रांची महानगर अध्यक्ष पायल सोनी ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। महिला मोर्चा ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों को कठोरतम सजा नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन अनीता वर्मा ने किया। इस दौरान काजल प्रधान, सीमा सिंह, रेणु तिर्की, सुचिता सिंह, मुन्नी मुंडा, माधुरी देवी, रेखा महतो, कुंती देवी, मीरा देवी, कुसुम देवी, बबीता वर्मा, सरिता पांडे, बिना मिश्रा, अर्चना सिंह, माया सिंह सहित सैकड़ों महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे