भर्ती परीक्षा घोटाले की पूरी श्रृंखला की सीबीआई जांच हो : मृत्युंजय शर्मा

 


रांची, 05 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आ रहे तथ्य परीक्षा घोटाले के व्यापक और संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। यह मामला किसी एक परीक्षा या कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है।

शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि जेपीएससी की एसीएफ-एफआरओ परीक्षा में सामने आए तथ्य गंभीर हैं। उनके अनुसार, आरोपितों के बयानों के आधार पर स्ट्रॉन्ग रूम से करीब 30 उत्तर पुस्तिकाएं बाहर निकालकर लिखवाने और बाद में वापस जमा कराने की बात सामने आई है। करीब 40 उत्तर पुस्तिकाओं में पीडीएफ एडिटर के माध्यम से बदलाव किए जाने का भी उल्लेख है। उन्होंने दावा किया कि करीब 100 अभ्यर्थियों को कथित रूप से अनुचित तरीके से सफल कराने के लिए करोड़ों रुपये की वसूली और करीब 1.20 करोड़ रुपये के नकद लेन-देन की बात जांच में सामने आई है।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ी का तरीका भी संगठित था। खाली ओएमआर शीट भरने के लिए बाहर से लोगों को बुलाने, प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाने, विशेषज्ञों से उत्तर लिखवाने और उत्तर पुस्तिकाओं को वापस जमा कराने जैसी बातें सामने आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि स्ट्रॉन्ग रूम जैसी सुरक्षित व्यवस्था से उत्तर पुस्तिकाएं बाहर कैसे निकलीं और उन्हें बाहर ले जाने तथा वापस जमा कराने की अनुमति या संरक्षण किस स्तर से मिला।

मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि यदि जांच में ये तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह किसी एक स्तर की परीक्षा संबंधी अनियमितता नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया के कई स्तरों को प्रभावित करने वाले नेटवर्क का मामला होगा। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र, परीक्षा केंद्र, ओएमआर शीट, उत्तर पुस्तिका, मूल्यांकन और परिणाम तक यदि एक ही नेटवर्क की पहुंच रही है तो इसकी जड़ें गहरी होने की आशंका है। इसलिए जांच को केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने जेएसएससी-सीजीएल मामले में पिछली सीआईडी जांच की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार, पहली जांच में 150 में से 120 प्रश्नों के उत्तर पहले ही बाहर पहुंचने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद बाद की जांच में मामले को अलग तरीके से प्रस्तुत किया गया और गंभीर प्रश्नपत्र लीक से इनकार किया गया। उन्होंने सवाल किया कि पहली जांच के निष्कर्षों को क्यों दबाया गया और जांच की दिशा किसके प्रभाव में बदली गई।

शर्मा ने कहा कि भाजपा की मांग है कि झारखंड में भर्ती परीक्षा घोटाले की पूरी श्रृंखला की सीबीआई जांच कराई जाए। उन्होंने जांच के दायरे में बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका को शामिल करने तथा दोषी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे