विपक्षी दलों की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण : दीपक प्रकाश
बोकारो, 22 अप्रैल (हि.स.)। बोकारो परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में दीपक प्रकाश ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध केवल एक अधिनियम का विरोध नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के अधिकारों का भी विरोध है।
उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। संसद में महिलाओं के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर कुछ दलों की ओर से मज़ाक उड़ाना, ताली बजाना और विरोध करना उनकी सोच को दर्शाता है।
दीपक प्रकाश ने कहा कि यदि झारखंड में लोकसभा सीटों की संख्या 14 से बढ़कर 21 होती और उनमें महिलाओं के लिए आरक्षण लागू होता, तो आदिवासी समाज की बेटियां, पिछड़े वर्ग की महिलाएं और अन्य वर्गों की महिलाएं संसद तक पहुंच पातीं। वे विधायक और सांसद बनकर अपने समाज की आवाज़ को मजबूती से उठा सकती थीं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह रुख महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ है और विशेष रूप से वंचित वर्ग की महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख और समझ रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र राज, जिला प्रभारी राकेश भास्कर, उपाध्यक्ष संजय त्यागी, बिनोद गोराई, गिरजा देवी, महामंत्री संजय सिन्हा, महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह, जिला मंत्री मनोज ठाकुर शामिल थे।
वहीं, दूसरी ओर प्रेस वार्ता के बाद दीपक प्रकाश और जिला प्रभारी राकेश भास्कर ने संगठनात्मक बैठक भी की। बैठक में 25 अप्रैल को रांची में आयोजित महिला आक्रोश रैली की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। नेताओं ने बताया कि इस रैली में बोकारो से 5000 से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल कुमार