हेमंत सरकार के कार्यकाल की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की हो सीबीआई जांच : प्रतुल शाहदेव

 


रांची, 03 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती घोटालों को लेकर हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के साढ़े छह वर्षों का कार्यकाल युवाओं के सपनों के साथ विश्वासघात, भर्ती घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं के लिए याद किया जाएगा।

सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा की मांग है कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास शिक्षा विभाग भी है, इसलिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के सभी सदस्यों को हटाकर पारदर्शी तरीके से नई नियुक्तियां की जानी चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते के खिलाफ गंभीर तथ्य सामने आने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं होना इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसी केवल निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर रही है। शाहदेव ने कहा कि आयोग के शीर्ष पदों पर रहे अधिकारियों से कड़ी पूछताछ किए बिना पूरे मामले का खुलासा संभव नहीं है।

प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सहायक परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का स्थानांतरण होने के बाद भी उन्हें विधिवत कार्यमुक्त नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अकेले परीक्षा परिणाम पर हस्ताक्षर किए और कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड एजेंसी का चयन किया।

भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया) नियमावली, 2002 तथा संविधान के अनुच्छेद 315, 316 और विशेष रूप से अनुच्छेद 320 के अनुसार निजी एजेंसियों की भूमिका केवल तकनीकी और सहायक कार्यों तक सीमित हो सकती है। परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, मूल्यांकन, मेरिट सूची तैयार करना और अंतिम चयन आयोग का संवैधानिक दायित्व है। यदि इन कार्यों में किसी निजी एजेंसी को हस्तक्षेप करने दिया गया है तो यह संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि केवल कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी से मामले का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।

प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का दोहरा चरित्र सामने आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली कांग्रेस झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर पूरी तरह मौन है। उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मामलों पर उसकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे