बीआईटी मेसरा ने झारखंड के छात्रों का 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा किया खत्म, शिक्षा मंत्री से मिलेगा चेंबर

 


रांची, 06 जून (हि.स.)।

फेडरेशन ऑफ़ झारखंड चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की एजुकेशन उप समिति की बैठक शनिवार को चेंबर भवन में हुई।

बैठक में बीआईटी मेसरा में झारखंड के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा समाप्त करने से पैदा गंभीर स्थिति और इसके छात्रों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई।

बैठक में उप समिति के चेयरमैन ने कहा कि बीआईटी मेसरा की ओर से इस सत्र से सभी सीटों पर ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर नामांकन लेने का निर्णय झारखंड के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अब तक होम स्टेट कोटा के तहत लगभग 650 सीटें झारखंड के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध थीं, जिससे राज्य के मेधावी छात्रों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक बीआईटी मेसरा में अध्ययन का अवसर मिलता था।

उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया कोटा और होम स्टेट कोटा के कट-ऑफ में उल्लेखनीय अंतर होने से झारखंड के अनेक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं लाभान्वित होते थे।

राज्य के छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के माध्यम से आना पड़ेगा

बैठक में कहा गया कि कोटा समाप्त होने के बाद राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के माध्यम से आना पड़ेगा। साथ ही इसका प्रतिकूल प्रभाव राज्य की तकनीकी और शैक्षणिक प्रगति पर भी पड़ेगा।

कहा गया कि झारखंड के बच्चों का नामांकन होने से निम्नवर्गीय परिवार के बच्चों को भी मौका मिलता है।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इस निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे झारखंड के छात्रों के हितों के विपरीत बताया। बैठक में निर्णय लिया गया कि मामले को लेकर चेंबर का प्रतिनिधिमंडल उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और विभागीय सचिव से मुलाकात करेगा।

प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच आवश्यक पहल सुनिश्चित करने का आग्रह करेगा, ताकि झारखंड के विद्यार्थियों के लिए होम स्टेट कोटा की व्यवस्था पुनः बहाल हो सके।

बैठक में उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़ कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, उप समिति चेयरमैन पारस अग्रवाल सदस्य अलोक सिंह सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak