एआई, क्वांटम प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में हो रही प्रगति पैदा कर रही हैं नई संभावनाएं : डॉ. अजीत मोहंती

 


रांची, 10 अक्टूबर (हि.स.)। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा ने शनिवार को अपना 36वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया।

इस समारोह में भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ बीआईटी मेसरा के चांसलर सी.के. बिरला और वाइस चांसलर प्रो. इंद्रनील मन्ना भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने कहा कि भारत तकनीकी परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम प्रौद्योगिकियों, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में हो रही प्रगति नई संभावनाएं पैदा कर रही है। विकसित भारत के निर्माण के लिए मजबूत स्वदेशी क्षमताओं और वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा उद्यमियों की एक कुशल पीढ़ी की आवश्यकता होगी। इसके लिए निरंतर अनुसंधान, विभिन्न विषयों के बीच सहयोग और मानव संसाधनों में निवेश आवश्यक है। बीआईटी मेसरा अनुसंधान को मजबूत करने और ज्ञान को प्रौद्योगिकी तथा समाज के लिए उपयोगी समाधानों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मैं स्नातक होने वाले विद्यार्थियों को जीवनभर सीखने के लिए तैयार रहने, जिज्ञासु बने रहने, विभिन्न विषयों के बीच सहयोग करने तथा उत्कृष्टता और ईमानदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। आपकी डिग्री आपको ज्ञान देती है, लेकिन आपका चरित्र यह तय करेगा कि आप इस ज्ञान का उपयोग एक अधिक नवाचारी, टिकाऊ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में कैसे करते हैं।”

बीआईटी मेसरा के वाइस चांसलर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा, “बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा में शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है। हम विद्यार्थियों को आलोचनात्मक सोच विकसित करने, स्थापित विचारों पर सवाल उठाने, जटिल समस्याओं को हल करने और ज्ञान को समाज की सेवा करने वाले समाधानों में बदलने के लिए तैयार करते हैं। 36वें दीक्षांत समारोह में बीआईटी मेसरा के विभिन्न परिसरों में कुल 2,984 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इनमें 113 पीएचडी शोधार्थी, 691 स्नातकोत्तर विद्यार्थी, 2,004 स्नातक विद्यार्थी और 176 डिप्लोमा प्राप्तकर्ता शामिल थे। अपने-अपने कार्यक्रमों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे