क्लाइमाथॉन में गन्ने के गूदे से बनाया बायोडिग्रेडेबल बैगास कप
रांची, 23 मार्च (हि.स.)।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से सोशल इनीशिएटिव थ्रू डेवलपमेंट एंड ह्यूमैनिटेरियन एक्शन (सीधा) के सहयोग से सोमवार को राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन रणनीतिक ज्ञान मिशन के अंतर्गत सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू) में दो दिवसीय ट्रेनिंग-कम-क्लाइमाथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान चाय के लिए गन्ने के गूदे से बने बायोडिग्रेडेबल बैगास कप का उपयोग किया गया, जिससे सूखे और गीले कचरे को न्यूनतम रखा जा सका।
कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो सी जगनाथन ने थिंक ग्लोबल, एक्ट लोकल का संदेश देते हुए स्थानीय स्तर पर समाधान विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को झारखंड की जनजातीय जीवनशैली का अध्ययन कर स्थानीय स्तर पर जलवायु समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए थिंक ग्लोबल, एक्ट लोकल का संदेश दिया।
वहीं विश्वनाथ शाह ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग ने किया। पहले दिन जलवायु परिवर्तन पर परिचय सत्र, वृत्तचित्र प्रदर्शन और लाइफ साइकिल असेसमेंट जैसे गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को वैश्विक परिप्रेक्ष्य से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों इंजीनियरिंग, विधि, नर्सिंग, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंचार एवं फार्मास्यूटिकल्स से 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो सी जगनाथन, रजिस्ट्रार प्रो श्रीधर डांडिन सहित अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar