पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बीएफसीएल कर रहा है निरंतर कार्य

 




रामगढ़, 04 जून (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हुए बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (बीएफसीएल) औद्योगिक विकास एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

कंपनी पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान भी संचालित कर रही है।

अपने हरित भविष्य रोडमैप के अंतर्गत बीएफसीएल ने वर्ष 2026 में 1,200 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना के तहत प्रत्येक माह 100 पौधों का रोपण किया जा रहा है। इसी क्रम में जनवरी 2026 से मई 2026 तक कंपनी परिसर में 1,000 से अधिक पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया जा चुका है।

बीएफसीएल का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल तकनीकी उपायों तक सीमित नहीं है। बल्कि इसके लिए जागरूक कार्यबल और सामूहिक सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से कंपनी अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं जागरूकता सत्र आयोजित कर रही है।

बीएफसीएल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हमारे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संगठन का प्रत्येक सदस्य पर्यावरणीय मानकों को केवल नियमों के रूप में नहीं, बल्कि अपनी नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में भी स्वीकार करे। पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश