राष्ट्रीय स्वास्थ्य एनक्यूएएस प्रमाणन में झारखंड बना देश का तीसरा राज्य

 


रांची, 01 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन (एनक्यूतएएस) में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की दिशा में तेज प्रगति दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक को लेकर हुई समीक्षा बैठक में यह बातें सामने आई। इस दौरान बताया गया कि मार्च 2025 तक जहां सिर्फ 08 प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्र ही राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन प्रमाणित थे, वहीं मार्च 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया है।

राज्य सरकार ने दिसंबर 2026 तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मौके पर अजय सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत अस्पतालों में बुनियादी ढांचे में सुधार, दवाओं की नियमित उपलब्धता, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती और उन्नत जांच सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।

विभाग की ओर से बताया गया कि सरकार की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन के तहत गुणवत्ता आश्वसन मानक प्राप्त करने वाली स्वास्थ्य संस्थानों को प्रति बेड 10 हजार सालाना, 03 साल तक देने का प्रावधान है। इसमें से 25 प्रतिशत राशि उक्त स्वास्थ्य संस्थान में कार्य करने वाले पदाधिकारी और कर्मियों के बीच वितरित किए जाने का भी प्रावधान है।

बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, डीआईसी डॉ सिद्धार्थ सान्याल सहित अन्यक अधिकारी-पदाधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar