बड़गांव कांड को लेकर टंडवा पहुंचे बाबूलाल, पीड़िता के परिजनों से की मुलाकात

 


चतरा, 09 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी रविवार को बड़गांव कांड को लेकर टंडवा पहुंचे। मरांडी ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात के दौरान उन्हें हरसंभव सहयोग और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा पीड़िता के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। साथ ही यदि मामले में किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाया गया है तो उसके साथ भी न्याय होना चाहिए। बताया गया कि आरोपित मो इमरोज के साथ मारपीट के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद मृतक के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 56 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिकी में मुख्य आरोपित विजय चौबे सहित कई ऐसे लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं जिनका घटना से कोई लेना-देना नहीं है। मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा और विरोध का माहौल बना हुआ है। निषेधात्मक निर्देश के बावजूद काफी संख्या में महिलाओं ने बाबूलाल मरांडी को आपबीती बताई।

वहीं बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि जिस नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ, उसे सेल्टर होम भेज दिया गया है और उसके माता-पिता को भी जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उस परिवार की स्थिति बेहद चिंताजनक है। मरांडी ने कहा कि पीड़िता के माता-पिता के जेल जाने के बाद घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं। परिवार में एक बुजुर्ग दादी भी हैं जो लकवाग्रस्त बताई जा रही हैं। ऐसे में बच्चों और बुजुर्ग की देखभाल कौन करेगा यह बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि एक ओर नाबालिग पीड़िता के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है वहीं दूसरी ओर उसके परिवार के सामने उत्पन्न परिस्थितियों को भी संवेदनशीलता के साथ देखने की जरूरत है।

उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। मरांडी ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म का आरोपित मो इमरोज पहले भी पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल जा चुका था। वह सोसल मीडिया में चाकू और अन्य हथियार लहरा चुका है। सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आरोपित के खिलाफ पहले से भी मामला था तो उसके संबंध में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई क्या रही, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपित के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद ग्रामीणों को कानून हाथ में लेने की स्थिति बनी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में लेना उचित नहीं है और पूरे मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा पीड़िता के परिवार के साथ-साथ उन लोगों के साथ भी खड़ी है। जिन्हें ग्रामीणों के अनुसार मामले में निर्दोष होने के बावजूद आरोपित बनाया गया है।

उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान भाजपा के प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, चतरा सांसद कालीचरण सिंह, चतरा विधायक जनार्दन पासवान, सिमरिया विधायक उज्जवल दास सहित पूर्व विधायक किशुन कुमार दास, भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोगता, भाजपा नेता दिनेश्वर भुईंया, जीतन राम, मृत्युंजय सिंह, अशोक शर्मा, भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता ग्रामीण मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी