बाबूलाल मरांडी ने की शराब घोटाले की सीबीआई जांच की मांग, राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

 


रांची, 31 मार्च (हि.स.)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कथित शराब घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग तेज कर दी है। इस सिलसिले में उन्होंने मंगलवार सुबह राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और फिर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 2022 में जब इस घोटाले की शुरुआत हुई थी, तभी उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

उन्होंने दावा किया कि यह घोटाला 750 करोड़ रुपये से अधिक का है और निष्पक्ष जांच होने पर यह आंकड़ा 1000 करोड़ रुपये को भी पार कर सकता है। मरांडी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी की भूमिका संदिग्ध रही है।

मरांडी के अनुसार, 20 मई 2025 को तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे और संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह सहित कई प्रभावशाली अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा सुधीर कुमार दास और नीरज कुमार समेत अन्य आरोपितों को भी हिरासत में लिया गया था। लेकिन गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर एसीबी द्वारा चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने के कारण सभी आरोपितों को डिफॉल्ट बेल मिल गई, जो जांच की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है।

मरांडी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले शराब घोटाले के जरिए अवैध कमाई की गई और अब जांच के नाम पर आरोपितों को बचाने तथा चार्जशीट दाखिल न करने के बदले पैसे की वसूली की जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों प्रिया दुबे और अनुराग गुप्ता की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि पूरे मामले की सच्चाई केवल सीबीआई जांच से ही सामने आ सकती है। साथ ही राज्यपाल से एसीबी के डीजी और राज्य सरकार को तत्काल चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश देने और मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की।

प्रेस वार्ता में मरांडी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब पार्टी के नेता खुद मान रहे हैं कि राज्य में सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने हत्या, डकैती और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा।

इसके अलावा, उन्होंने राज्य में जमीन लूट का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि जमीन माफिया सरकार के संरक्षण में सक्रिय हैं और भुईंहारी, पहनाई तथा सरकारी जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। मरांडी ने दावा किया कि इस पूरे मामले में कांग्रेस भी बराबर की भागीदार है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे