बाबा और मां के बिना काटने दौड़ेगा नेमरा गांव : हेमंत
रामगढ़, 08 अक्टूबर (हि.स.)। बाबा आप और मां दोनों बहुत याद आएंगे। आपके बिना मेरा गांव नेमरा मुझे काटने दौड़ेगा। अब आप दोनों के बिना मैं कैसे यहां आने की हिम्मत जुटा पाऊंगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह बातें अपनी माता रूपी साेरेन के दाह संस्कार के बाद
गुरुवार को कही।
मुख्यमंत्री के समक्ष जिस मां की उंगली पकड़कर उन्होंने जिंदगी की राह पर पहला कदम रखा, आज उसी मां को अंतिम विदाई दे रहे थे। आंखों में मां को खोने की पीड़ा थी और हाथों में वह अग्नि, जो जीवन के सबसे भावुक रिश्ते को अंतिम संस्कार की ओर ले जा रही थी।
हेमंत सोरेन ने बताया कि जिस नेमरा गांव में वे पले तब सिर्फ एक बेटे थे। आज वह ऐसा महसूस कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पद, जिम्मेदारियां और राजनीतिक पहचान, सब कुछ छूट गया है। सामने सिर्फ मां की यादें है। जिस मां ने बचपन में संभाला, गिरने पर उठाया, मुश्किलों में हौसला दिया और जीवन की राह दिखाई। आज उसी मां को अपने हाथों से विदा करना काफी मुश्किल भरा रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश