बीएयू में सोयाबीन की खेती पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम
रांची, 26 मार्च (हि.स.)। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) के अंतर्गत, राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर के सहयोग से बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू ), रांची की ओर से जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) के तहत चान्हो प्रखंड के सिलागई गांव में किसानों के लिए सोयाबीन की सफल खेती पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में परियोजना की प्रभारी और सोयाबीन प्रजनक डॉ नूतन वर्मा ने किसानों को बताया कि सोयाबीन एक लाभकारी एवं पोषक फसल है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव है।
इस अवसर पर वरीय वैज्ञानिक डॉ अरविंद कुमार सिंह ने सोयाबीन की उन्नत किस्मों का चयन, बीज उपचार, उर्वरक प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण के विषय में जानकारी दी। डॉ कमलेश्वर कुमार, वरीय वैज्ञानिक, आनुवंशिकी एवं पौधा प्रजनन विभाग ने सोयाबीन की खेती से आय बढ़ाने के उपायों पर प्रकाश डाला। वैज्ञानिकों ने किसानो की ओर से पूछे गए विभिन्न समस्याओं का समाधान भी बताया l
कार्यक्रम में विशेष रूप से 50 अनुसूचित जनजाति के किसान लाभान्वित हुए। किसानों के बीच सोयाबीन खेती से संबंधित पुस्तिकाओं, किसान डायरी और सामाग्री का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में फील्ड ओवरसीयर तीर्थनाथ सहित अन्य का योगदान रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak