मुआवजे का मिला आश्वासन, 24 घंटे के बाद समाप्त हुआ सड़क जाम

 








रामगढ़, 17 अप्रैल (हि.स.)। रामगढ़-गिद्दी मुख्य मार्ग पर गुरुवार को सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत के बाद जमकर बवाल मचा। परिजनों और ग्रामीणों ने 24 घंटे तक इस मार्ग को जाम रखा। मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी के नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर कुमार गुप्ता और मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो भी सड़क पर उतरे। सोलार प्लांट प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच लंबी वार्ता चली। शुक्रवार की शाम मुआवजे के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

वार्ता में शामिल मांडू अंचल अधिकारी तृप्ति विजय कुजूर ने बताया कि मृतक के परिजनों की तरफ से 15 लाख रुपये मुआवजे की रकम की मांग रखी गई थी। लेकिन सोलार कंपनी प्रबंधन ने नगर परिषद उपाध्यक्ष के साथ हुई वार्ता में तय हुई रकम 13 लाख 50 हजार पर ही अपनी सहमति जताई। हालांकि यह रकम परिजनों को तत्काल नहीं मिली है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मृतक के आश्रितों के खाते में यह रकम भेज दी जाएगी। इसके अलावा मृतक के आश्रितों को नौकरी और घायल व्यक्ति को इलाज करने का भी आश्वासन दिया गया। लिखित आश्वासन के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया।

एक्सप्लोसिव वैन से कुचलकर रामगढ़ थाने की बिंझार गांव के पास दो ग्रामीणों की मौत हुई थी। मृतक अमित मुंडा और बब्लू बेदिया मनुआ गांव के रहने वाले थे। वह अपने एक अन्य साथी पंकज के साथ स्कूटी जेएच 01 एफजेड 8113 पर सवार होकर अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान एक्सप्लोसिव वैन एमएच 40 सीट 5654 की चपेट में आ गए थे। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर ही जाम कर दिया था। शुक्रवार को जब धूप तिखी निकली तो सड़क पर ही टेंट लगाकर शव को ढंक दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश