अकीदत के साथ निकला जुलूस-ए-आशूर, अमन का संदेश
रांची, 26 जून (हि.स.)। मुहर्रम के अवसर पर अंजुमन जाफरिया के तत्वावधान में हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए कर्बला की याद में शुक्रवार को जुलूस-ए-आशूर शांतिपूर्ण और अकीदत के साथ निकाला गया।
इस अवसर पर मस्जिद जाफरिया से निकले जुलूस में हजारों अजादारों ने हिस्सा लिया। जुलूस से पूर्व मस्जिद जाफरिया में नमाज-ए-जुमा अदा की गई। इसके बाद आयोजित मजलिस-ए-आशूर को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत इंसानियत, हक, न्याय और अमन का पैगाम देती है। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष और सत्य के लिए बलिदान की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि मुहर्रम हमें भाईचारा, त्याग, देशप्रेम और सामाजिक एकता का संदेश देता है।
देश के प्रति वफादारी भी एक बड़ी इबादत है और सभी को देश की एकता एवं अखंडता के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए। मजलिस के बाद ताबूत, अलम और झूला के साथ जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों से होकर निकला। विभिन्न स्थानों पर नौहाख्वानी, मातम और सीना-जनी की गई। मार्ग में कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठन और जिला प्रशासन की ओर से जुलूस का स्वागत किया गया और अज़ादारों के लिए पेयजल सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समुदाय के लोग और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar