परिसीमन और पांचवीं अनुसूची की सुरक्षा को लेकर आंदोलन करेंगे आदिवासी संगठन
रांची, 11 जून (हि.स.)।
कई आदिवासी संगठनों ने परिसीमन, जनगणना में सरना धर्म कोड और पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। प्रेस क्लब, करमटोली में आयोजित प्रेस वार्ता में गुरुवार को जिन संगठनों ने आंदोलन की बात कही है उनमें आदिवासी छात्र संघ, झारखंड, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत और सरना धर्म सोतो: समिति, खूंटी शामिल हैं।
मौके पर सुशील उरांव और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और संवैधानिक पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन, आगामी जनगणना में सरना धर्म कोड की अनुपस्थिति और पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों के संवैधानिक प्रावधानों के कमजोर क्रियान्वयन को लेकर आदिवासी समाज में गहरी चिंता है। मथुरा कांडिर ने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाया गया तो आदिवासी समाज के राजनीतिक एवं संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
संगठनों ने मांग की कि परिसीमन में अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, जनगणना में सरना धर्म के लिए पृथक धर्म कोड लागू किया जाए, पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन हो और आरक्षित सीटों एवं राजनीतिक अधिकारों में किसी प्रकार की कटौती न हो।
प्रतिनिधियों ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण में ज्ञापन सौंपा जाएगा, दूसरे चरण में जनजागरण अभियान और प्रेस वार्ता आयोजित होंगी, जबकि तीसरे चरण में जिला और प्रखंड स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रेसवार्ता में सुशील उरांव, विद्यासागर केरकेट्टा, संजय पाहान, रेनू उरांव, मथुरा कांडिर सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar