एंबुलेंस कर्मियों की मांगें मानीं, फिर भी हड़ताल हुई तो ड्राइवर होंगे बहाल : इरफान

 




रांची, 16 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने शुक्रवार को आंदोलनकारी कर्मचारियों के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अहम वार्ता की। इस अवसर पर मंत्री ने दो टूक कहा कि कर्मचारियों की लगभग सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। उनकी मांगे मान ली गई है। इसके बावजूद यदि वे हड़ताल पर जाएंगे। आगे हड़ताल जारी रखेंगे। या एंबुलेंस सेवा के लिए मरीजों की सेवाएं बाधित हुई तो सरकार सख्त कदम उठाएगी। हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं तो सीधे नई एजेंसी और नए ड्राइवरों की बहाली की जाएगी। मरीजों की जिंदगी से समझौता नहीं किया जा सकता।

अंसारी ने कहा कि विभागीय अवकाश के बावजूद दशहरा के अवसर पर कर्मचारियों के भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पूर्व में हटाए गए 20 कर्मचारियों को दोबारा रखने की मांग पर भी सहमति जताई गई है। इसके अलावा छठ पूजा तक 108 एंबुलेंस सेवा के लिए नई एजेंसी बहाल करने की दिशा में कार्रवाई होगी।

मंत्री ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा को सिविल सर्जन के अधीन संचालित करने की मांग स्वीकार करना संभव नहीं है। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान पहले संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन के स्तर पर किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारी और मंत्री हस्तक्षेप करेंगे।

मौके पर विभागीय सचिव ने भी नई एजेंसी के माध्यम से सेवा में सुधार की बात कही। एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा ने कहा कि बार-बार हड़ताल से सरकार की छवि प्रभावित होती है और आम जनता को परेशानी होती है। उन्होंने कर्मचारियों से वार्ता के जरिए समस्याएं सुलझाने की अपील की। बैठक में विभागीय अधिकारी एवं पदाधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

एम्बुलेंस कर्मियों का चरणबद्ध आंदोलन जारी, 21 अक्टूबर से अनिश्चिकालीन हड़ताल

वहीं दूसरी ओर संघ के नेताओं ने बताया कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की केवल एक मांग माने जाने तथा अन्य 2 मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन के अगले चरण में 21 अक्टूबर 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की घोषणा को दोहराया।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में बैठक हुई, लेकिन सभी मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि संघ की प्रमुख मांगें है कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से शुरू करना, बर्खास्त कर्मचारियों की पुनः बहाली, लंबित वेतन का भुगतान तथा कर्मचारियों को सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किया जाए।

तिवारी ने बताया कि जुलाई 2026 से कर्मचारियों का वेतन लंबित हैं, सम्मान फाउंडेशन कंपनी द्वारा जुलाई एवं अगस्त माह के वेतन भुगतान से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किए गए, जिन्हें संघ ने फर्जी बताते हुए उनकी सत्यता जांच करने की मांग रखा। संघ ने साफ किया कि 21 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल के निर्णय पर वह कायम है, जब तक कर्मचारियों की लंबित मांगों का उचित समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar