रांची में एआइओएस की मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस शुरू, जुटे 1500 नेत्र रोग विशेषज्ञ
रांची, 25 सितंबर (हि.स.)। राजधानी रांची में शुक्रवार को ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी (एआइओएस) की 5वीं मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस 2026 का भव्य शुभारंभ शुक्रवार रात हुआ। होटल बीएनआर में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 1500 नेत्र चिकित्सक एवं विशेषज्ञ शामिल हुए। झारखंड में पहली बार आयोजित यह सम्मेलन नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक, अत्याधुनिक उपचार पद्धतियों और शोध के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बना।
सम्मेलन का उद्घाटन झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह, आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. बीपी कश्यप एवं आयोजन सचिव डॉ. भारती कश्यप ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर एआइओएस के अध्यक्ष डॉ. जीवन तितियाल, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मोहन राजन, राष्ट्रीय महासचिव संतोष होनावर सहित देशभर से आए कई वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
अत्याधुनिक तकनीक से जुड़ेगा झारखंड का स्वास्थ्य क्षेत्र : डॉ. इरफान अंसारी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रांची में देशभर के प्रमुख नेत्र विशेषज्ञों का एक मंच पर जुटना झारखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों से राज्य के चिकित्सकों और युवा मेडिकल प्रोफेशनल्स को नवीनतम शोध, तकनीक और उपचार पद्धतियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक हेल्थ टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन से निकलने वाले वैज्ञानिक विचार और अनुभव राज्य की नेत्र चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने में उपयोगी साबित होंगे।
युवा चिकित्सकों को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना उद्देश्य : डॉ. भारती कश्यप
आयोजन सचिव डॉ. भारती कश्यप ने कहा कि सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य झारखंड की युवा चिकित्सकीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा, शोध और अनुभव साझा करने का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि रांची में देशभर के विशेषज्ञों का आगमन राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान रिफ्रैक्टिव सर्जरी, मोतियाबिंद, कॉर्निया, डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा सहित नेत्र चिकित्सा के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। अत्याधुनिक उपचार तकनीकों और नवीनतम वैज्ञानिक शोध पर केंद्रित विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
लाइव सर्जरी और वैज्ञानिक सत्र रहे आकर्षण का केंद्र
सम्मेलन में लाइव सर्जरी, वैज्ञानिक प्रस्तुतियां, साइंटिफिक प्रतियोगिताएं और युवा चिकित्सकों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सकों को जटिल मामलों के आधुनिक उपचार, नवीन सर्जिकल तकनीकों और बदलती चिकित्सा पद्धतियों को करीब से समझने का अवसर मिला।
उत्कृष्ट वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय योगदान के लिए विभिन्न विशेषज्ञों को साइंटिफिक अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया।
एआइओएस की 5वीं मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस ने रांची को देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा विशेषज्ञों के एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संवाद केंद्र के रूप में स्थापित किया है। सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श और ज्ञान के आदान-प्रदान से झारखंड सहित देशभर में बेहतर एवं आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे