गुरुजी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी यदि मुख्यमंत्री आंदोलनरत छात्रों से संवाद करें : महताब आलम
रांची, 04 अगस्त (हि.स.)। झारखंड में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश संगठन महासचिव महताब आलम ने मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आंदोलनरत जेपीएससी, जेएसएससी और सीएचएल अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरुजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब राज्य सरकार युवाओं की आवाज को उसी गंभीरता से सुने, जिस भावना के साथ शिबू सोरेन हमेशा जनता के बीच खड़े रहे।
मीडिया से बातचीत में महताब आलम ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री स्वयं धरनास्थल पर पहुंचकर जेपीएससी, जेएसएससी और सीएचएल अभ्यर्थियों से मिलें, उनकी समस्याएं सुनें और सीधे संवाद करें, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं का सरकार पर विश्वास भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में जेपीएससी और सीएचएल अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। ऐसे समय में सरकार को टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। किसी भी आंदोलन का स्थायी समाधान बातचीत और सकारात्मक पहल से ही संभव है। इसलिए सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
महताब आलम ने कहा कि झारखंड के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी अपेक्षाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। सरकार को संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अभ्यर्थियों के साथ वार्ता कर उनकी जायज मांगों पर उचित निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का राजनीतिक जीवन जनसंवाद, संघर्ष और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। ऐसे में आंदोलनरत युवाओं की समस्याओं का समाधान निकालने की पहल ही उनके प्रति वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar