नियमावली बनाने की मांग पर एआईजीडब्ल्यूयू ने जताई चिंता
रांची, 26 जून (हि.स.)।
ऑल इंडिया गिग वर्कर्स यूनियन (एआईजीडब्ल्यूयू) की राज्य समिति ने गिग वर्कर्स अधिनियम की नियमावली बनाने में हो रही देरी पर चिंता जताई है।
यूनियन ने शुक्रवार को रांची में आयोजित बैठक में कहा कि झारखंड गिग वर्कर्स कल्याण बोर्ड की 25 जून को हुई बैठक में नियमावली तैयार करने के बजाय अधिनियम में संशोधन पर चर्चा की गई, जो चिंताजनक है। यूनियन के महासचिव प्रतीक मिश्रा ने कहा कि झारखंड प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर्स (पंजीकरण एवं कल्याण) अधिनियम पारित होने के काफी समय बाद भी इसकी नियमावली नहीं बनाई गई है। इसके कारण अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं हो पा रहे हैं और गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक अपने अधिकारों से वंचित हैं।
यूनियन ने कहा कि यदि केंद्र सरकार के श्रम संहिताओं के कारण कुछ कानूनी संशोधन आवश्यक हों तो उस पर विचार किया जा सकता है, लेकिन श्रमिक हितों से जुड़े प्रावधानों को कमजोर करने का किसी भी स्तर पर विरोध किया जाएगा। न्यूनतम कमाई सुनिश्चित करने और शिकायत निवारण तंत्र जैसे प्रावधानों को समाप्त करने का प्रयास स्वीकार नहीं होगा। एआईजीडब्ल्यूयू ने यह भी कहा कि राज्य में लेबर कोड के नियम बनाने के दौरान ट्रेड यूनियनों से पर्याप्त परामर्श नहीं किया गया है। यूनियन ने राज्य सरकार से गिग वर्कर्स अधिनियम की नियमावली शीघ्र बनाकर उसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar